सरकारी भूमि पर बने कथित अवैध मदरसों, मस्जिदों और मजारों के मामले में सोमवार को तहसील न्यायालय में सुनवाई हुई।

गंगा न्यूज़ 24
👉देवबंद में सरकारी भूमि पर बने धार्मिक स्थलों का मामला

👉जितनी जमीन पर धार्मिक स्थल बने, उतनी दूसरी जगह सरकार को देने का प्रस्ताव

देवबंद। सरकारी भूमि पर बने कथित अवैध मदरसों, मस्जिदों और मजारों के मामले में सोमवार को तहसील न्यायालय में सुनवाई हुई।

इस दौरान नोटिस प्राप्त धार्मिक स्थलों के प्रबंधकों और मुतवल्लियों ने प्रशासन के सामने प्रस्ताव रखा कि जितनी जमीन पर उनके धार्मिक स्थल बने हैं, उसके बराबर भूमि वे दूसरी जगह सरकार को देने के लिए तैयार हैं।

प्रशासन ने फिलहाल इस प्रस्ताव पर कोई निर्णय नहीं लिया है। मामले को विचार के लिए सुरक्षित रखा गया है।

धारा 67 के तहत नोटिस पाने वाले सभी छह धार्मिक स्थलों के मुतवल्ली और प्रबंधक तहसील न्यायालय में पेश हुए। इससे पहले 13 जुलाई को हुई पहली सुनवाई में संबंधित पक्षों ने लिखित आपत्तियां दर्ज कराई थीं। सोमवार को दूसरी सुनवाई के दौरान उन्होंने अपने दावों के समर्थन में अभिलेख भी प्रस्तुत किए और चार नई आपत्तियां दर्ज कराईं।

ग्राम सोहनचिड़ा स्थित अक्सा मस्जिद एवं मदरसे के मुतवल्ली मोहम्मद अहसान ने बताया कि उन्हें ढाई लाख रुपये के अर्थदंड के साथ 15 दिन के भीतर निर्माण हटाने का नोटिस दिया गया है। उन्होंने एसडीएम के समक्ष प्रस्ताव रखा कि सरकार सहमत हो तो धार्मिक स्थल के बराबर जमीन दूसरी जगह उपलब्ध करा दी जाएगी।

वहीं, ग्राम पंडोली नागल स्थित मदीना मस्जिद के मुतवल्ली मोहम्मद रिजवान ने बताया कि उन्हें भी 15 दिन में निर्माण हटाने और दो लाख एक हजार रुपये का अर्थदंड जमा करने का नोटिस मिला है। उनका कहना है कि संबंधित धार्मिक स्थल काफी पुराना है और उसके अभिलेख प्रशासन को सौंपे जा रहे हैं।

प्रशासन की ओर से ग्राम सोहनचिड़ा की अक्सा मस्जिद, पंडोली नागल की मदीना मस्जिद, छलौली के मदरसा दारुस्सलाम, अंबेहटा शेखा के मदरसे और मस्जिद तथा ग्राम पहाड़पुर की मस्जिद से जुड़े प्रबंधकों और मुतवल्लियों को नोटिस जारी किए गए हैं।

डीएम अरविंद कुमार चौहान का कहना है कि सरकारी भूमि पर कब्जे के मामलों में नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

धार्मिक स्थलों के प्रबंधकों ने कहा—जितनी सरकारी जमीन पर निर्माण हुआ है, उतनी जमीन दूसरी जगह देने को तैयार हैं; प्रशासन ने प्रस्ताव पर फैसला सुरक्षित रखा

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