अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद साधु-संत समाज में गहरी नाराज़गी देखने को मिल रही है।
श्रीराम जन्मभूमि सेवा समिति के महंत आचार्य धर्मदास महाराज ने इस मुद्दे को उठाने के लिए समाजवादी पार्टी का धन्यवाद देते हुए बड़ा बयान दिया है।
महंत धर्मदास ने कहा कि जब मंदिर के संचालन और चढ़ावे की गिनती का जिम्मा उन लोगों को दिया जाएगा, जिनका यह काम नहीं है, तो ऐसी गड़बड़ियां होना स्वाभाविक है। उनका कहना है कि मंदिर की व्यवस्था वही लोग संभालें, जो वर्षों से इस परंपरा और सेवा से जुड़े रहे हैं।
चंपत राय द्वारा पुलिस पूछताछ में चढ़ावे की हेराफेरी में अपनी भूमिका से इनकार किए जाने और गड़बड़ी की जानकारी होने की बात स्वीकार करने पर महंत धर्मदास ने कहा कि इस मामले में जिसने भी गलती की है, उसका न्याय भगवान राम और हनुमान जी स्वयं करेंगे। उन्होंने देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सच्चाई अपने आप सामने आ जाएगी।
महंत धर्मदास ने राम मंदिर ट्रस्ट पर पुरानी धार्मिक परंपराओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि रामनवमी, झूला उत्सव और अन्य पारंपरिक कार्यक्रमों का संचालन उसी तरह होना चाहिए, जैसे वर्षों से सेवा समिति करती आ रही है। उनका मानना है कि राम जन्मभूमि की प्राचीन व्यवस्था और परंपराओं को बनाए रखना बेहद जरूरी है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या राम मंदिर की व्यवस्था में पारंपरिक संत समाज को अधिक भूमिका मिलनी चाहिए, या मौजूदा व्यवस्था है

