प्रख्यात आध्यात्मिक संत प्रेमानंद महाराज ने एकांतवास में जाने का ऐलान किया है।
उनका कहना है कि अब वह न दीक्षा देंगे और न नए शिष्य बनाएंगे। सब भजन में लगें।
हमें अपना अंतिम संभालना है। अब आनंद में प्रपंच घुस रहा है।
प्रेमानंद महाराज ने साफ किया है कि वे अपने स्वास्थ्य और मानसिक शांति को बनाए रखने के लिए पूरी तरह एकांत में जा रहे हैं।
उन्होंने भक्तों से परेशान न होने की अपील करते हुए कहा कि यह कदम सभी के मंगल और हित के लिए है।
गौरतलब है कि प्रेमानंद महाराज तीन सालों में एक बार पड़ने वाले इस पुरुषोत्तम मास में एकांतवास कर रहे हैं। वह अपना अधिकांश समय यमुना किनारे बनी एक कुटिया में बिता रहे हैं। एकांतवास में जाने से पहले संत प्रेमानंद ने अपने शिष्यों से कहा कि हम मिलें न मिलें, बोले न बोलें, आप सबको बहुत प्यार करते हैं। हम चाहते हैं कि सबको श्रीजी की कृपा प्राप्त हो। अंतिम बात यही मैं आऊं न आऊं, बिना बोले तुम्हारे दिमाग में हम होंगे।

