मौसम विभाग की सूचना के अनुसार जिलाधिकारी सहारनपुर रेड अलर्ट के बावजूद माता शाकुंभरी मंदिर परिसर में श्रद्धालु पहुंचे क्यों यह गंभीर विषय तहसील प्रशासन की लापरवाही इन मोतो का जिम्मेदार को
सिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी में आधी रात भीषण सैलाब से तबाही
खोल नदी में अचानक आए तेज बहाव में वाहन बहे, कई श्रद्धालु लापता, दो महिलाओं के शव मिलने से मचा हड़कं
बेहट(सहारनपुर) शिवालिक पहाड़ियों में देर रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद सिद्धपीठ मां श्री शाकंभरी देवी मंदिर क्षेत्र में स्थित खोल नदी अचानक उफान पर आ गई। रात करीब 12 बजे आए भीषण सैलाब ने पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी और तबाही का मंजर खड़ा कर दिया। तेज बहाव की चपेट में आकर कई कारें, ट्रैक्टर-ट्रालियां, बाइकें और श्रद्धालुओं के वाहन बह गए। एक कार के पलटने की भी सूचना है, जिसमें सवार तीन मासूम बच्चों समेत कई लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सैलाब इतना तेज था कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला, अंधेरे और तेज बारिश के बीच श्रद्धालु अपने परिवार और बच्चों को बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में चीख-पुकार और भगदड़ का माहौल बन गया। कई वाहन पानी के तेज बहाव में दूर तक बह गए, जो सुबह नदी किनारे मलबे में दबे हुए मिले।
घटना के बाद दो महिलाओं के शव बरामद होने की सूचना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। कुछ अन्य श्रद्धालुओं के बहने और मौत की भी चर्चाएं हैं, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं मासूम बच्चों समेत कई श्रद्धालुओं की तलाश लगातार जारी है।
बाढ़ के तेज बहाव से मंदिर क्षेत्र में लगी अस्थायी दुकानें, टेंट और अन्य ढांचे भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। सूचना मिलते ही एसडीएम मानवेंद्र सिंह, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, इंस्पेक्टर मिर्जापुर सूबे सिंह तथा इंस्पेक्टर बेहट जितेंद्र सिंह दीक्षित पुलिस बल और प्रशासनिक टीमों के साथ मौके पर पहुंचे। पूरी रात राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।
स्थानीय ग्रामीण भी प्रशासन के साथ मिलकर लापता लोगों की तलाश में जुटे रहे। नदी किनारे लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है और श्रद्धालुओं से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। घटना के बाद पूरे शाकंभरी क्षेत्र में दहशत और मातम का माहौल बना हुआ है। हालांकि जिलाधिकारी अरविंद सिंह चौहान द्वारा बारिश से पहले हाई अलर्ट जारी किए जाने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए, जिससे और बड़ा हादसा होने से बच गया।

