मनोज ठाकुर
मामा की दिमागी हालत ठीक न होने का फायदा उठाकर भांजे ने लगभग 5 भीगे जमीन हड़पी
आज दिनांक 23.05.2026 को प्रवीण पत्नी जान इलाही निवासी महमूदपुर कलियर तहसील रुड़की जिला हरिद्वार ने जिलाधिकारी को महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा जिसमें लिखा गया के मेरे हिस्से की 3.5 बिघे जमीन खसरा नम्बर-11,12 मौजा मुकर्रबपुर तहसील रूडकी जिला हरिद्वार में स्थित है। मेरे पति सन् 2013 से दिमागी रूप गम्भीर बिमार है। दिनांक 01-08-2022 को मेरे पति जान ईलाही पुत्र रसीद अहमद निवासी ग्राम महमूदपुर पिरान कलियर तहसील रूडकी कां भांजा मौ० प्रवेज पुत्र असलम निवासी मुकरपुर तहसील रूडकी जिला हरिद्वार जो मुजफ्फरनगर दिमागी डॉक्टर के यहां दवॉई दिलवाने के लिए ले गया था जिसने उसकी दिमागी हालत का फायदा उठाते हुए फर्जी तरीके से दिनांक 01-08-2022 को ही लगभग 5 बिधे का बैनामा करा लिया जबकि जमीन 3.5 बिधे है जबकि इस बैनामे में किसी भी तरह से कोई पैसे का लेन देन नहीं हुआ, भिन्न-2 प्रकार से प्रार्थी लेन देन दिखाया है जो बिल्कुल गलत व निराधार है। जब भी मौ० प्रवेज ने दाखिल खारिज प्रक्रिया में भी अपना ही फोन नम्बर डाल दिया जो बिल्कुल फर्जी व 420 है। हमे पता नहीं चला उसी समय गलत तरीके से दाखिल खारिज हुआ और हमने फाईल रेस्टोर की प्रक्रिया की जिसे तहसीलदार विकास अवस्थी ने बिना सुनवाई के इसे खारिज कर दिया जो दिनांक 02-01-2028 को किया तहसीलदार पूर्ण रूप से प्रवेज से साज खा गया है।
इसी सम्बन्ध में पुसिल में एफ०आई०आर० भी हुई और सिविल कोर्ट में बाद भी दायर किया गया जो मुकदमा भी चल रहा है और कोर्ट का स्टे भी हुआ है। इसी जमीन पर मेरे पति व परिवार का पूर्ण रूप से कब्जा है और पटवारी गुलफसा 4 साल बाद रिपोर्ट दे रही है कि जमीन पर कोई विवाद नहीं है तहसीलदार अवस्थी व पटवारी गुलफसा दोनो मिलकर मेरा उत्पीडन आर्थिक और मानसिक रूप से कर रहे है।
जबकि बैनामा 5 बिधे और हिस्सा 3.5 बिधे लगभग है तो फिर दाखिल खारिज कैसे हुआ।
मैं इन दोनो के कार्यों व दमन से इतनी दुखी हो गई हूँ कि इस प्रकरण की या तो सी०बी०आई० जॉच हो या मुझे और मेरे परिवार को 15 अगस्त 2026 को ईच्छा मृत्यु की इजाजत दी जाये। इसमें कुछ राजनितिक भी लग रहे है उनकी भी जाँच हो यदि मेरे परिवार के किसी व्यक्ति ने कुछ गलत किया तो उसका जिम्मेदार विकास व गुलफसा होगें। समय रहते महामहिम मेरी मदद करे मुझे न्याय दिलाये ताकि मैं और मेरा परिवार भी शान्ति से जी सके।
इसी सम्बन्ध में मैंने रूडकी तहसील में लगभग 3 महीने धरना भी दिया था अब मेरी सुनाई नही हा रही है। सम्बन्धि अधिकारी साज खा रखे है।
साबित करो यदि एक पैसा भी मिला हो। हमे पता भी नहीं चला और हमारी जमीन प्रवेज माफिया के नाम चली गई। हिस्सा 3.5 बिघे और बैनामा 5 बिधे तो दाखिल खारिज कैसे किया है और रूडकी प्रशासन गलत को सही ठहराने का काम कर रहा है। गरीब की सुनवाई नही हो रही भू-माफियाओ की सुनवाई हो रही है, कैसा लोकतंत्र है रुड़की में, इसी सम्बन्ध में मैंने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, राजस्व सचिव , कमीशनर , डी०एम० आदि को दिनांक 25-04-2026 को अपनी पीडा पत्र के माध्यम से भेजी है कुछ नहीं हुआ है।

