राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने जाति जनगणना को लेकर अपना स्पष्ट रुख जाहिर किया है।
आरएसएस का कहना है कि वह कल्याणकारी उद्देश्यों के लिए इसका समर्थन करता है, लेकिन इसे समाज को बांटने के लिए इस्तेमाल करने का विरोध करता है।
RSS के राष्ट्रीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि संगठन जाति के मुद्दे को सामाजिक समरसता के नजरिए से देखता है, न कि टकराव के रूप में। उन्होंने कहा, ‘अगर आपसी प्रेम बढ़े और भेदभाव खत्म हो जाए, तो बड़ी समस्याएं भी सुलझ सकती हैं। बिना समरसता के छोटे मुद्दे भी बड़े विवाद बन जाते हैं।’

