मनोज ठाकुर
हरिद्वार। उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर कैबिनेट विस्तार के बाद हलचल तेज हो गई है। हरिद्वार से विधायक मदन कौशिक भले ही लगभग पांच वर्ष बाद तीसरी बार मंत्रिमंडल में शामिल हुए हों, लेकिन उनके स्वागत में निकले रोड शो ने कई राजनीतिक संकेत भी दे दिए।
शहर भर में जगह-जगह स्वागत द्वार और बैनर लगाए गए थे। पूरा मार्ग पोस्टरों और होर्डिंग्स से सजा हुआ दिखाई दिया, लेकिन रोड शो के दौरान जिस जनसमर्थन की उम्मीद की जा रही थी, वह नजर नहीं आया।
आगे कार्यकर्ता, पीछे VIP गाड़ियों का काफिला
रोड शो के दौरान आगे भाजपा कार्यकर्ताओं का हुजूम जरूर दिखाई दिया, लेकिन काफिले के पीछे आम जनता की भीड़ बहुत कम दिखाई दी।
कई जगहों पर कार्यकर्ताओं के अलावा केवल वीआईपी गाड़ियों की कतार ही नजर आई। आमजन की मौजूदगी अपेक्षा से काफी कम रही, जिसे राजनीतिक जानकार अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं।

स्वागत में ज्यादातर भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक ही दिखाई दिए, जबकि आम जनता की भागीदारी सीमित रही।
2027 की राजनीति की झलक?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सभी नेताओं को साथ लेकर चलने की रणनीति अपनाई है।
पिछले करीब चार वर्षों तक सीमित मंत्रियों के साथ सरकार चलाने के बाद अब कैबिनेट में 11 मंत्रियों को जिम्मेदारी दी गई है, ताकि संगठन और सरकार दोनों स्तर पर संतुलन बनाया जा सके।
स्वागत भव्य, लेकिन जनसैलाब गायब
हरिद्वार में हुए इस रोड शो में जगह जगह भव्य स्वागत द्वार और बैनरों की भरमार जरूर दिखाई दी, लेकिन जिस तरह का जनसैलाब अक्सर ऐसे मौकों पर देखने को मिलता है, वह दिखाई नहीं दिया।
राजनीतिक विश्लेषक इसे स्थानीय राजनीति का संकेत भी मान रहे हैं, हालांकि इसके वास्तविक मायने क्या हैं, यह आने वाला समय ही स्पष्ट करेगा।
आने वाले चुनावों से पहले बड़ा सवाल
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह केवल आयोजन की व्यवस्था का मामला था या फिर यह स्थानीय जनसमर्थन में बदलाव का संकेत है।
2027 के विधानसभा चुनावों से पहले ऐसे घटनाक्रम राजनीतिक दलों और नेताओं के लिए महत्वपूर्ण संकेत माने जाते हैं।
फिलहाल इतना तय है कि कैबिनेट में वापसी के बाद निकले इस रोड शो ने हरिद्वार की राजनीति में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।

